अस्तित्व वाचाल नहीं है.
वो तो है मौन, निःशब्द संगीत!
तुमने उसके मौन में भर दी है
अपनी ही ध्वनि
और सुनते हो सिर्फ शोर!!
०९०३२२/०९०३२२
अस्तित्व वाचाल नहीं है.
वो तो है मौन, निःशब्द संगीत!
तुमने उसके मौन में भर दी है
अपनी ही ध्वनि
और सुनते हो सिर्फ शोर!!
०९०३२२/०९०३२२