आईना मुझे ढाढ़स दिलाता है-
कि कोई तो है मेरे पास, मेरे साथ,
मेरे बहुत करीब, कि
मैं अकेला नहीं हूँ।
तुम कह सकते हो इसे
एक भ्रम- एक पागल भ्रम
पर मैं पूछता हूँ
कि क्या गलत है
यदि एक भ्रम मुझे ढाढ़स देता है...
मुझे जिंदा रखता है?!
"ये आईने के आभास
टूट जाएंगे;
ले नहीं जा सकते ये
बहुत दूर तक तुम्हें।"
"इन्हीं आभासों से
यहाँ तक पहुंचा हूँ, मेरे हमसफर,
एक आईना टूटेगा,
कई और मिल जाएंगे!”
०७०७२३/०७०७२३





