suhas_giten
WhatsApp Image 2025-07-08 at 21.29.45
एक अजन्मे को पत्र
IMG-20250705-WA0011
IMG-20250705-WA0018
IMG-20250705-WA0015
IMG-20250705-WA0013
previous arrowprevious arrow
next arrownext arrow
प्रेम-रसधार - अनहद की कलम से

प्रेम-रसधार

कल चंदा को देखा तुमने?
सूट पहन कर, इक तारे को रिझा रहा था!

बादल के टुकड़े को देखा?
दूर बैठ कर इक मयूर को नचा रहा था!

चमको-चमको प्रेम में चंदा बन कर चमको,
बरसो-बरसो प्रेम में बदरा बन कर बरसो!

०९०३२४/०९०३२४