कल चंदा को देखा तुमने?
सूट पहन कर, इक तारे को रिझा रहा था!
बादल के टुकड़े को देखा?
दूर बैठ कर इक मयूर को नचा रहा था!
चमको-चमको प्रेम में चंदा बन कर चमको,
बरसो-बरसो प्रेम में बदरा बन कर बरसो!
०९०३२४/०९०३२४
कल चंदा को देखा तुमने?
सूट पहन कर, इक तारे को रिझा रहा था!
बादल के टुकड़े को देखा?
दूर बैठ कर इक मयूर को नचा रहा था!
चमको-चमको प्रेम में चंदा बन कर चमको,
बरसो-बरसो प्रेम में बदरा बन कर बरसो!
०९०३२४/०९०३२४