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लट्टू - अनहद की कलम से

लट्टू

सब लट्टू डिस्चार्ज हो रहे, 
भरा माल निकले है,
तू भी लट्टू, वो भी लट्टू,
सब लट्टू भिड़ते हैं!

लट्टू तो बाहर बाहर का,
भीतर शुद्ध बसाए,
सच्चा तू और सच्चा वो भी,
भेद सभी मिट जाए।

२४१२१३/२४१२१३