suhas_giten
WhatsApp Image 2025-07-08 at 21.29.45
एक अजन्मे को पत्र
IMG-20250705-WA0011
IMG-20250705-WA0018
IMG-20250705-WA0015
IMG-20250705-WA0013
previous arrowprevious arrow
next arrownext arrow
आत्मा में रामलला - अनहद की कलम से

आत्मा में रामलला

प्राण-प्रतिष्ठा अवध में,
मचा बड़ा कोहराम,
भीतर आँखें फेरिए,
मिटें सभी संग्राम।

हृदय हमारे रामलला,
अभी रहे पाषाण,
राम-नाम ना रटन रहे,
बने हृदय के प्राण।

प्राण-प्रतिष्ठा, हृदय में,
कर लो भक्त-सुजान,
भीतर की श्री राम से,
जागे हिय के प्राण।

२४०१२२/२४०१२२