suhas_giten
WhatsApp Image 2025-07-08 at 21.29.45
previous arrowprevious arrow
next arrownext arrow
SUHAS MISHRA - अनहद की कलम से

कौन जाने किस सदी से!

वक्त के धागे जुड़े हैंकौन जाने किस सदी से;दिख रहा सागर यहाँ,पर मिल रहा किस-किस नदी से।लम्हा लम्हा यूँ सरकता,यूँ सिसकता बढ़ रहा है, कौन मानेगा जुड़े,परमात्मा या उस नबी …

Read more

अंतर्यात्रा का प्रश्न

ये जानते हुए भी कि ये गलत राह है,मैं बेबस चलता हूँ इस पर,क्योंकि और भी राहें जो दिखती हैं आसपास,वो भी तो सही नहीं जान पड़तीं!और फिर ये इल्म …

Read more

आत्मा में रामलला

प्राण-प्रतिष्ठा अवध में,मचा बड़ा कोहराम, भीतर आँखें फेरिए,मिटें सभी संग्राम।हृदय हमारे रामलला,अभी रहे पाषाण, राम-नाम ना रटन रहे,बने हृदय के प्राण।प्राण-प्रतिष्ठा, हृदय में,कर लो भक्त-सुजान, भीतर की श्री राम से,जागे …

Read more

ध्यान और जाम

बहुत हो गया ध्यान चलो, कुछ देर होश खो देते हैं,बेसुध-से चलते यारों,कुछ देर तनिक सो लेते हैं।——————कुछ देर नशे में रहने दे,कुछ देर बहकने दे मुझको, कुछ देर शराबी …

Read more