suhas_giten
WhatsApp Image 2025-07-08 at 21.29.45
एक अजन्मे को पत्र
IMG-20250705-WA0011
IMG-20250705-WA0018
IMG-20250705-WA0015
IMG-20250705-WA0013
previous arrowprevious arrow
next arrownext arrow
SUHAS MISHRA - अनहद की कलम से

शुष्क, सुन्न-सा रिश्ता!

शुष्क, सुन्न-सा रिश्ता! ना सकुचाहट, ना गर्माहट, ना पिघला, ना बहता। शुष्क, सुन्न-सा रिश्ता! ना रिश्ते के इस स्वरूप पर, तुझे-मुझे कुछ शिकवा, ना इसको कुछ दृढ़ करने की, तेरी-मेरी …

Read more

मौत का वक़्त से रिश्ता

सब कुछ श्रेष्ठ प्राप्य है मुझको- धन, वैभव, संबंधी!तृप्त-पूर्ण हूँ घर-वाहन से, हर सुविधा सम्पन्न,माँ, भार्या, सुत, भाई-बहन से,तृप्त सभी संबंध। मित्र वर्ग- मैं भाग्यावान हूँ,साथ निवासी सत्‌जन, कर्मक्षेत्र सहयोगी …

Read more

नाटक

एक मित्र ने लिखा “यूँ ही सोच रहा था…खास बात ये नहीं कि नाटक करने वाला थक नहीं रहा; बड़ा आश्चर्य तो ये है कि देखने वाले अभी तक ऊबा …

Read more

भ्रम से साक्षी तक

इन तंग-तंग-सी गलियों में, तुम फ़िकर छोड़ दौड़े जाते;ये देह-परिधि जो बढ़ जाती,तुम दौड़-दौड़ भूले जाते।जो दौड़ बहुत आगे बढती,होतीं ये तंग बहुत गलियाँ;तुम आगे बढ़ने की धुन में,इन गलियों …

Read more