भाव घने हैं- मौन से शब्द तक
भाव घने हैं-पर उनका शब्दों में खिलना, खिल कर छंदों में गुँथ जाना, और छंदों का स्याही से कागज़ पर आना-कुछ मुश्किल-सा क्यूँ लगता है?भाव घने हैं-पर शब्दों की नाव …
भाव घने हैं-पर उनका शब्दों में खिलना, खिल कर छंदों में गुँथ जाना, और छंदों का स्याही से कागज़ पर आना-कुछ मुश्किल-सा क्यूँ लगता है?भाव घने हैं-पर शब्दों की नाव …
एक- सब होते जाना है सब होते जाना है।स्वीकार भाव से देखो- क्योंकि सब होते जाना है।तुम्हारे अस्वीकार से होना नहीं बदलता। अस्वीकार से उपजे प्रतिरोध सेतुम बढ़ा लेते हो, …