अस्तित्व का सच- अद्वैत
परिस्थितियाँ गोते लगाती हैं-गहरे समुंदर में,और फिर उछल कर ऊपर आती हैं।उड़ जाती हैं फिर ऊँचे आसमान पर… ऊँचे और ऊँचे ….!!क्या तुमने कभी आसमान की गहराईऔर समुंदर की ऊँचाई …
परिस्थितियाँ गोते लगाती हैं-गहरे समुंदर में,और फिर उछल कर ऊपर आती हैं।उड़ जाती हैं फिर ऊँचे आसमान पर… ऊँचे और ऊँचे ….!!क्या तुमने कभी आसमान की गहराईऔर समुंदर की ऊँचाई …
और कितनी देर तक उन कुछ पलों को याद करता मैं रहूँगा!और कितनी देर तक उन प्यार के मीठे पलों में इस तरह बहता रहूँगा!जो भी वो होता रहा था,क्या …
शैली- १ वो सितारे, जो तुम देखती हो,नज़र में हैं मेरे भी वही।वो चाँद जिसे ढूँढ़ती है तुम्हारी निगाहें,खोजता हूँ मैं भी उसे काली रात में।ये हवा जो गुज़री है …