SUHAS MISHRA
अनुभव-शून्य
अभी तो ज़िंदगी का सवेरा बीता ही है! अब तलक तो जिए हैं बस उस सुबह की नर्म तरावट में…! अभी दिन की तपिश और रात के अंधकार से वास्ता …
अभी तो ज़िंदगी का सवेरा बीता ही है! अब तलक तो जिए हैं बस उस सुबह की नर्म तरावट में…! अभी दिन की तपिश और रात के अंधकार से वास्ता …