मित्र-वियोग
अमवा के वृक्ष पर अमिया जब आ गईं,रमवा के बाग में हरियाली छा गई;देख-देख अमिया प्रसन्न होए जाता था,रमवा खुशी से घर, सर पर उठाता था।दिन-दिन तो घंटा में बीते …
अमवा के वृक्ष पर अमिया जब आ गईं,रमवा के बाग में हरियाली छा गई;देख-देख अमिया प्रसन्न होए जाता था,रमवा खुशी से घर, सर पर उठाता था।दिन-दिन तो घंटा में बीते …