सफ़र तक़मील करने दो
तुम्हारे इश्क मे पड़ कर,तुम्हारे घर को आए थे,तुम्हें हमराह जो जाना–सफ़र तक़मील करने दो।ये फ़ितरत है– जो इस दिल से,खता हमसे कराती है,इसी फ़ितरत को अपने इश्क में,अब तो …
तुम्हारे इश्क मे पड़ कर,तुम्हारे घर को आए थे,तुम्हें हमराह जो जाना–सफ़र तक़मील करने दो।ये फ़ितरत है– जो इस दिल से,खता हमसे कराती है,इसी फ़ितरत को अपने इश्क में,अब तो …
तुम्हारा साथ,हमारी बात और जज़्बात!और जब बात,बिना जज़्बात,तुम्हारा साथ-ये कैसा साथ!मोह छूटा, तो छूटा…साथ में भी संग का अहसास।वो रहना साथ भी लेकिन,ना कोई राग,ना कोई प्यास…ये क्या अहसास!कहीं कुछ …
हजारों साल लगते हैं कि येइत्तिफ़ाक आने को,किसी मजनू के मौसम मेंकिसी लैला के आने को।ये नक्षत्रों, ये तारों का,बड़ा मजमा लगा ऊपर,तमामों उम्र तरसते हैं,दो तारे साथ आने को।तुम्हारे …