हम तड़प-तड़प रोते जाते
कुछ लोग हमारे जीवन में इतने करीब क्यूँ हो जाते, कुछ दिनों भी उनसे दूर रहें, हम बेबस दिल यूँ हो जाते।जब तलक साथ उनके रहते ये खबर नहीं होने …
कुछ लोग हमारे जीवन में इतने करीब क्यूँ हो जाते, कुछ दिनों भी उनसे दूर रहें, हम बेबस दिल यूँ हो जाते।जब तलक साथ उनके रहते ये खबर नहीं होने …
ये ना जाने क्यूँ मुझे,लग रहा यूँ देख के,आपका ये चित्र मेरे सामने।लाड़ से यूँ देखते,प्यार से यूँ देखते,मुस्कुरा के भर रहे हो भाव से। जैसे कह रहे हो यूँ,मैं …
..१..वो अमवा का पेड़ औ’ उस परइक कोयल का कूकना,वो गर्मी की शाम औ’ उसमेंपवन का बेसुध घूमना–ले जाता मेरे चिंतन को,उड़ा के जीवन के उस पल में,जिसे मैं फिर …
वो साँसें आ रही भीतर,वो साँसें जा रही बाहर;कभी रुक जाए कहीं इक छोर,सोच मैं सहम जाता हूं।परिंदों की खुशी से कूकतीआवाज़ आती है;तेरा सजदा, अरे मौला,कभी क्यों भूल जाता …