क्या फिर भी दूर हैं हम!
शैली- १ वो सितारे, जो तुम देखती हो,नज़र में हैं मेरे भी वही।वो चाँद जिसे ढूँढ़ती है तुम्हारी निगाहें,खोजता हूँ मैं भी उसे काली रात में।ये हवा जो गुज़री है …
शैली- १ वो सितारे, जो तुम देखती हो,नज़र में हैं मेरे भी वही।वो चाँद जिसे ढूँढ़ती है तुम्हारी निगाहें,खोजता हूँ मैं भी उसे काली रात में।ये हवा जो गुज़री है …
बेटू राजा सो जा,सुन्दर सपनों में खो जा,सपन सलोने आएंगे,लाल परी को लाएंगे।लाल परी जब आएगी,पंखो को फैलाएगी,बेटू राजा को पंखों परबैठा कर उड़ जाएगी।बेटू राजा सो जा….. ०३०४२०/०३०४२० आसमान …
और बातों की छुअन को,दूर से महसूस कर हम,तर-बसर होते रहे!शब्द की हर इक झनक, अनुनाद करती धड़कनों से,कम्पनों से युक्त जिंह्वा लड़खड़ाती;और फिर कुछ शोर यूँ ही गूँजता हृद-धमनियों …