स्मृति से मिट गई थी…
दोस्ती और प्यार कभी खत्म नहीं होता…!छिप सकता है कुछ देर को, वक्त की घनी, गहरी धुंध में…!और छटते ही उस धुंध के, फिर खिल उठता है अपनी उसी मासूम …
दोस्ती और प्यार कभी खत्म नहीं होता…!छिप सकता है कुछ देर को, वक्त की घनी, गहरी धुंध में…!और छटते ही उस धुंध के, फिर खिल उठता है अपनी उसी मासूम …
मिलन की आस ही कुछ ऐसी है कि मन सब भूल बस अपने प्रिय की ही याद और उसका ही इंतज़ार करता रहता है! और जो ना मिल पाए… तो …
है मिलन नहीं दूजा ऐसा, दो स्वयं मिले स्व मिला लिए;बन्धन आत्माओं का स्वतन्त्र, अनजान अभी, अब जान लिए।जो परम आत्म को तुम चाहो, बन्धन ये तुम्हें दिखा भी दे;जो …