नवीन-यात्रा
नानू, नर्मदा और नवकक्ष-नवीन-सी मित्रता, दो पुरातन से परिचितों की!सब नया-नए परिपक्व, प्रेमपूर्ण नानू,नई निरत माँ नर्मदा,और नए परिवेश में सुसज्जित नया कक्ष…!इस नवीनता में हमने अपने प्रेम और श्रद्धा …
नानू, नर्मदा और नवकक्ष-नवीन-सी मित्रता, दो पुरातन से परिचितों की!सब नया-नए परिपक्व, प्रेमपूर्ण नानू,नई निरत माँ नर्मदा,और नए परिवेश में सुसज्जित नया कक्ष…!इस नवीनता में हमने अपने प्रेम और श्रद्धा …
तुम्हारे इश्क मे पड़ कर,तुम्हारे घर को आए थे,तुम्हें हमराह जो जाना–सफ़र तक़मील करने दो।ये फ़ितरत है– जो इस दिल से,खता हमसे कराती है,इसी फ़ितरत को अपने इश्क में,अब तो …
तुम्हारा साथ,हमारी बात और जज़्बात!और जब बात,बिना जज़्बात,तुम्हारा साथ-ये कैसा साथ!मोह छूटा, तो छूटा…साथ में भी संग का अहसास।वो रहना साथ भी लेकिन,ना कोई राग,ना कोई प्यास…ये क्या अहसास!कहीं कुछ …
तुझे नहीं था इल्म ज़रा भी,वो तेरी शैदाई,तूने उसका इश्क गँवाया,तू समझा हरजाई।उसका इठलाना था तुझसे,इतरा कर शरमाई;तुझे लगा वो फ़िदाहर इक पर, तू पागल सौदाई।तेरी तसवीरों को उसने,जिगर छीलकर …