हम मिल ही गए!
उस पूनम को मैंने तुम्हे चाँद में देखा।मैंने देखा कि तुम एक रातरानी सेफुसफुसाते कुछ कहती हो…।मैं अपने आँगन में पूछता हूँ,इक गुलाब की पंखुड़ी से,”जागती हो, अभी सोई नहीं?”वो …
उस पूनम को मैंने तुम्हे चाँद में देखा।मैंने देखा कि तुम एक रातरानी सेफुसफुसाते कुछ कहती हो…।मैं अपने आँगन में पूछता हूँ,इक गुलाब की पंखुड़ी से,”जागती हो, अभी सोई नहीं?”वो …
एक- तुम बड़ी मीठी हो तुम बड़ी मीठी हो प्रिये!सुबह कमल की पंखुड़ी पर पड़ीओस की बूँद की तरह।रात, छत पर अचानक बह चलीहवा की तरह।और संध्या की तुलसी की …
एक- प्रेम फूलों ने सुर रागिनी छेड़ी, वीणा ने गंध महकाई,प्रीत में रोशन मन ऐसा, अमावस में चाँदनी भर आई! १७१००९ दो- दिशा, दृष्टि की असंभव है सत्य को पाना, …