गुरु-सानिध्य
रास्ता ही लक्ष्य है,और लक्ष्य ही है रास्ता।साथ गुरु हो तो समय,दूरी से किसका वास्ता।रास्ता ही लक्ष्य हैऔर लक्ष्य ही है रास्ता।कितनी चट्टानों से गुज़रे,कितनी घाटी खो गईं;कितनी करवट राह …
रास्ता ही लक्ष्य है,और लक्ष्य ही है रास्ता।साथ गुरु हो तो समय,दूरी से किसका वास्ता।रास्ता ही लक्ष्य हैऔर लक्ष्य ही है रास्ता।कितनी चट्टानों से गुज़रे,कितनी घाटी खो गईं;कितनी करवट राह …
कुछ लोग हमारे जीवन में इतने करीब क्यूँ हो जाते, कुछ दिनों भी उनसे दूर रहें, हम बेबस दिल यूँ हो जाते।जब तलक साथ उनके रहते ये खबर नहीं होने …
हे परमात्मा, तुम लिखवाते,कलम पकड़ स्याही बिखराते;भावों और लफ़्ज़ों में बसकर,नये-नये तुम गीत रचाते।लफ़्ज़, लफ़्ज़ प्रेमी जोड़ों-से,मिलते, मिलकर गीत बनाते,और विरह में इक-दूजे के,आँसू से नगमे लिख जाते। ऐसे कितने …
जितनी जल्दी रात घिरेगी,शीघ्र भोर भी आ जाएगी;किंतु रात्रि के विदा समय में,झिलमिल चादर हट जाएगी। दुख की गहराई से डरकर,सतहों को सहलाते रहते,कुएँ, बावड़ी, नदिया, सागर,तट, मुँडेर बहलाते रहते।आनंदों …