suhas_giten
WhatsApp Image 2025-07-08 at 21.29.45
previous arrowprevious arrow
next arrownext arrow
मुख पृष्ठ - अनहद की कलम से

प्रथम-भेंट

और बातों की छुअन को,दूर से महसूस कर हम,तर-बसर होते रहे!शब्द की हर इक झनक, अनुनाद करती धड़‌कनों से,कम्पनों से युक्त जिंह्वा लड़खड़ाती;और फिर कुछ शोर यूँ ही गूँजता हृद-धमनियों …

Read more

पुनर्मिलन

पुराने घाव को उकेरने से पहले,हम बहुत वक़्त चुप रहे… फिर बहुत देर एक-दूसरे के सामने बैठेहम बात करते… मौसम की, तबीयत की।बहुत वक्त हम ऐसा कुछ नहीं बोलेकि घाव …

Read more

अकेला

ये कहाँ मालूम था मुझकोकि इतना, मैं अकेला आजखुद से भी विलग रह कर जिऊँगा!वृहद दुनिया की असीमित भीड़ में भी,एक भी ना कोई जिससेइस हृदय को कह सकूँगा!ये तो …

Read more

तारे और रात की बारिश

संध्या के काले झुरमुट में, रात उतर जब आ जाती है,दिवस उदासा, बड़ा अभागा- आँख अश्रु से भर जाती है।ये अश्रु ही सब तारे हैं।बादल इन मासूम अश्रु के बहने …

Read more