ज़रा पैगाम तो पढ़ लो
हमारे देवता तुमसे,ज़रा सी बात कहते हैं,कि इन्सां हो, औ’ इन्सां कीतरह व्यवहार तो कर लो।नहीं जो शान दे सकते,किसी इन्सां को इन्सां की,तुम उससे जानकर शैतान-साबर्ताव ना कर दो।तुम्हें …
तुम्हारा साथ,हमारी बात और जज़्बात!और जब बात,बिना जज़्बात,तुम्हारा साथ-ये कैसा साथ!मोह छूटा, तो छूटा…साथ में भी संग का अहसास।वो रहना साथ भी लेकिन,ना कोई राग,ना कोई प्यास…ये क्या अहसास!कहीं कुछ …
हजारों साल लगते हैं कि येइत्तिफ़ाक आने को,किसी मजनू के मौसम मेंकिसी लैला के आने को।ये नक्षत्रों, ये तारों का,बड़ा मजमा लगा ऊपर,तमामों उम्र तरसते हैं,दो तारे साथ आने को।तुम्हारे …
तुझे नहीं था इल्म ज़रा भी,वो तेरी शैदाई,तूने उसका इश्क गँवाया,तू समझा हरजाई।उसका इठलाना था तुझसे,इतरा कर शरमाई;तुझे लगा वो फ़िदाहर इक पर, तू पागल सौदाई।तेरी तसवीरों को उसने,जिगर छीलकर …