गुरु-सानिध्य
रास्ता ही लक्ष्य है,और लक्ष्य ही है रास्ता।साथ गुरु हो तो समय,दूरी से किसका वास्ता।रास्ता ही लक्ष्य हैऔर लक्ष्य ही है रास्ता।कितनी चट्टानों से गुज़रे,कितनी घाटी खो गईं;कितनी करवट राह …
रास्ता ही लक्ष्य है,और लक्ष्य ही है रास्ता।साथ गुरु हो तो समय,दूरी से किसका वास्ता।रास्ता ही लक्ष्य हैऔर लक्ष्य ही है रास्ता।कितनी चट्टानों से गुज़रे,कितनी घाटी खो गईं;कितनी करवट राह …
जितनी जल्दी रात घिरेगी,शीघ्र भोर भी आ जाएगी;किंतु रात्रि के विदा समय में,झिलमिल चादर हट जाएगी। दुख की गहराई से डरकर,सतहों को सहलाते रहते,कुएँ, बावड़ी, नदिया, सागर,तट, मुँडेर बहलाते रहते।आनंदों …
दुआएँ ही दवा बनकर,वजूद-ए-ग़म मिटा देती,खुदा के दर पे सजदे कर,बनी-बिगड़ी संवारेगा।तू उस पर जो भरोसा रख,तुझे उसका ये वादा है,जो आँधी हो, रहे तूफ़ाँ,तुझे हर दम संभालेगा।तुझे तेरा गुरूर-ए-फ़न,वो …
आटा खाने आती मछली,काँटा पीछे, फँस जाती;खुशियों की ख्वाहिश में दुनिया,दुख दरिया में, धँस जाती।ये जो सुख की ‘लाइन’ लगी है,इसकी खिड़की खुली नहीं;ये ‘क्यू’ आगे को मुड़ जाती,दुख-दर्दों की …