स्वीकार भाव
एक- सब होते जाना है सब होते जाना है।स्वीकार भाव से देखो- क्योंकि सब होते जाना है।तुम्हारे अस्वीकार से होना नहीं बदलता। अस्वीकार से उपजे प्रतिरोध सेतुम बढ़ा लेते हो, …
एक- सब होते जाना है सब होते जाना है।स्वीकार भाव से देखो- क्योंकि सब होते जाना है।तुम्हारे अस्वीकार से होना नहीं बदलता। अस्वीकार से उपजे प्रतिरोध सेतुम बढ़ा लेते हो, …
एक- चाँद पूनम के चंदा को देखा।भीतर दौड़ा, पहनी चप्पल, दौड़ के आकर बाहर देखा,चाँद अमावस चला गया! दो- तुम तुमने दिखलाया मुझे चाँद अपनी अंगुली से, फिर पकड़ कर …
मैं स्वयं आ गया इस पथ पर या तुम ही मुझको ले आए?क्या भूले-भटके मैं आया, लक्ष्य साध या मार्ग चला?निकल पड़ा यूँ ही आवारा, या जीवन से भाग चला?!क्या …