suhas_giten
WhatsApp Image 2025-07-08 at 21.29.45
एक अजन्मे को पत्र
IMG-20250705-WA0011
IMG-20250705-WA0018
IMG-20250705-WA0015
IMG-20250705-WA0013
previous arrowprevious arrow
next arrownext arrow
आध्यात्म व दर्शन - अनहद की कलम से

मोहजाल

कौन कहता हैकि तुम्हे अंधेरे में दिखाई नहीं देता?क्या जन्मों-जन्मइन अंधेरी कोठरियों में घूमते,तुम इन अनंत वासनाओं कोअपने विस्फारित नेत्रों से नहीं देख रहे?और क्या नहीं मोहित हो रहेआभासी प्रकाश …

Read more

अनंत मौन

ऐसा कहते हैंकि ये सृष्टि, बहुत सुंदर,बहुत अनुपम और बहुत अद्‌भुत है;और बहता है यहाँ हर ओर,बेहद सुंदर संगीत।किंतु प्रभु!इस अनुपम, अदभुत औरसुंदर सृष्टि को, तुमनेकिस उपक्रम से रचा है,जबकि …

Read more

द्वंद्व से निर्द्वंद्व की ओर

ये जोर-जबर, ये छीन-झपट,ये ठाँय-ठाँय, ये डाँट-डपट,ये मार-धाड़, ये खींच-तान,हल्ला-गुल्ला, षडयंत्र-कपट।नवभोर हुई, धरती का नव-शृंगार हुआ,चहके पंछी, नव-जीवन का संचार हुआ,मृग-छौनों ने नन्ही-नन्ही आँखें खोलीं,उजला-उजला देखो नव-संसार हुआ!ये खून-खराबा, लूट-मार,धक्कम-धक्का, …

Read more

प्रभु! तुम बूँद-बूँद रिसते-से हो

प्रभु! तुम बूँद-बूँद रिसते-से हो बसमेरे भीतर।तुम बाहर तो हो इतने विराट,इतने विस्तृत-और मैं खुला हूँ और खाली भी।यही मान मैं पुकारता हूँ तुम्हे,इस आस में कि तुम आओगे,एक तेज …

Read more