अपने रूप में रहो!
ज़िंदगी की दौड़ में,मुकाबले औ’ होड़ में,दूसरे से जीतने को दौड़ता!किंतु चक्र में सभी,हैं दौड़ते अभी-अभी,है कौन आगे, किसको पीछे छोड़ता?!ज़िंदगी की दौड़ में,देखो जोड़-तोड़ में,दौड़ किससे जीतते या हारते?!इक …
ज़िंदगी की दौड़ में,मुकाबले औ’ होड़ में,दूसरे से जीतने को दौड़ता!किंतु चक्र में सभी,हैं दौड़ते अभी-अभी,है कौन आगे, किसको पीछे छोड़ता?!ज़िंदगी की दौड़ में,देखो जोड़-तोड़ में,दौड़ किससे जीतते या हारते?!इक …
परिस्थितियाँ गोते लगाती हैं-गहरे समुंदर में,और फिर उछल कर ऊपर आती हैं।उड़ जाती हैं फिर ऊँचे आसमान पर… ऊँचे और ऊँचे ….!!क्या तुमने कभी आसमान की गहराईऔर समुंदर की ऊँचाई …