पर हम रीते…
फिर दिन बीता,फिर रात गई,कल सुबह हुईऔर कल बीता।कल का फिर अगला कल बीता।फिर माह गए, फिर बरस गए,फिर दशक-शतों का युग बीता,फिर युग बीते… पर हम रीते। ०५०८१७/०५०८१७
फिर दिन बीता,फिर रात गई,कल सुबह हुईऔर कल बीता।कल का फिर अगला कल बीता।फिर माह गए, फिर बरस गए,फिर दशक-शतों का युग बीता,फिर युग बीते… पर हम रीते। ०५०८१७/०५०८१७
इन्द्र-धनुष के सात रंग-जामुनी भी, पीला भी !तुम्हें पीला पसंद हो सकता हैऔर जामुनी ना-पसंद !अस्तित्व की रचना सतरंगीऔर सुन्दर है,तुम चुनने की भूल में उलझे हो.. । ०९०३२२/०९०३२२