दोष–निर्दोष का विज्ञान
भाव निर्धारित करेगा,दोष या निर्दोष है!देख कर केवल क्रिया,व्यवहार से मत तोलना,वो तो दोलक कापुराने बल से जैसे डोलना।जैसे लट्टू घूमता हैशक्ति जितनी भी भरी,और फिर आकार;चिकनी हो सतह या …
भाव निर्धारित करेगा,दोष या निर्दोष है!देख कर केवल क्रिया,व्यवहार से मत तोलना,वो तो दोलक कापुराने बल से जैसे डोलना।जैसे लट्टू घूमता हैशक्ति जितनी भी भरी,और फिर आकार;चिकनी हो सतह या …
जो रावण है, वही राम बन जाता है हर काल-ज़रा भीतर निहार कर।एक छोर पर सत्य, चलेअलमस्त झूठ की चाल-ज़रा इक द्वार लाँघ कर।दिन का उजियारा, हो जाता रात, बिना …
दुआएँ ही दवा बनकर,वजूद-ए-ग़म मिटा देती,खुदा के दर पे सजदे कर,बनी-बिगड़ी संवारेगा।तू उस पर जो भरोसा रख,तुझे उसका ये वादा है,जो आँधी हो, रहे तूफ़ाँ,तुझे हर दम संभालेगा।तुझे तेरा गुरूर-ए-फ़न,वो …
आटा खाने आती मछली,काँटा पीछे, फँस जाती;खुशियों की ख्वाहिश में दुनिया,दुख दरिया में, धँस जाती।ये जो सुख की ‘लाइन’ लगी है,इसकी खिड़की खुली नहीं;ये ‘क्यू’ आगे को मुड़ जाती,दुख-दर्दों की …