ये क्या अहसास
तुम्हारा साथ,हमारी बात और जज़्बात!और जब बात,बिना जज़्बात,तुम्हारा साथ-ये कैसा साथ!मोह छूटा, तो छूटा…साथ में भी संग का अहसास।वो रहना साथ भी लेकिन,ना कोई राग,ना कोई प्यास…ये क्या अहसास!कहीं कुछ …
तुम्हारा साथ,हमारी बात और जज़्बात!और जब बात,बिना जज़्बात,तुम्हारा साथ-ये कैसा साथ!मोह छूटा, तो छूटा…साथ में भी संग का अहसास।वो रहना साथ भी लेकिन,ना कोई राग,ना कोई प्यास…ये क्या अहसास!कहीं कुछ …
हजारों साल लगते हैं कि येइत्तिफ़ाक आने को,किसी मजनू के मौसम मेंकिसी लैला के आने को।ये नक्षत्रों, ये तारों का,बड़ा मजमा लगा ऊपर,तमामों उम्र तरसते हैं,दो तारे साथ आने को।तुम्हारे …
उस ऊँचे पहाड़ से गिरतीअविरल जलधारा, ‘झरना’-अपने आगे के रास्ते से पूर्ण अनभिज्ञ,बस छोड़ देता है अपने आप कोकिसी अनजान शक्ति परपूर्ण विश्वास कर!कब तक, कितनी गहराई तक उसे गिरते …
वो सुनती रही मेरी एक-एक कविता,हर एक कविता का एक-एक शब्द।हर एक शब्द का गहनतम अर्थ, वो सुन रही थी अंतरतम गहराईयों से!और उसके मुख से निकले ‘वाह’ के स्वर …