तुम्हारे जीवन की सार्थकता
इसमें नहीं
कि तुमने कितनी साँसें लीं,
बल्कि कितना संबंध
उन साँसों से तुम्हारा रहा!
धड़कन के अंक-गणित में
जीवन ढूढ़ना,
एक निरर्थक खोज है,
सार्थक है उन धड़कनों के
स्पंदन से निकला
हर इक भाव!!
०९०२२८/०९०२२८
तुम्हारे जीवन की सार्थकता
इसमें नहीं
कि तुमने कितनी साँसें लीं,
बल्कि कितना संबंध
उन साँसों से तुम्हारा रहा!
धड़कन के अंक-गणित में
जीवन ढूढ़ना,
एक निरर्थक खोज है,
सार्थक है उन धड़कनों के
स्पंदन से निकला
हर इक भाव!!
०९०२२८/०९०२२८