बीती बातें बन जाती हैं धुआँ,
उड़ जाती हैं आसमान में,
बादल बन बरसती है
आँख से आँसू की तरह!
यादें समंदर की तरह है-
गहरे से उमड़ती हैं,
टकराती हैं लहर बन किनारों से,
छोड़ जाती हैं अपना गीलापन-
दिल यूँ ही इतना कोमल नहीं होता!
तुम्हारे साथ अब तक का सफर,
कोई ऐसा ही सफ़र न था-
साथ पंछी का हवाओं से सिर्फ
दोस्ताना नहीं होता!
तुम्हारी आँखों में सितारे ही नहीं,
महकते हैं प्यार के फ़ोहे भी।
मैं ढूँढ़ता हूँ उस स्रोत को,
जो कहीं दिल की गहराई में
छिपा बहता है... !
०९०८२६०९०८२६





